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पीआईडी ​​या पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बीमारी à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जिसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, अंडाशय, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के अंदर शामिल होते हैं। अकà¥à¤¸à¤°, इस बीमारी के कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं हो सकते हैं।
पीआईडी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हैं :-
पीआईडी ​​किसी à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ का कारण नहीं बनता है। हालाà¤à¤•ि, यदि आप इनमें से किसी à¤à¥€ हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ का निरीकà¥à¤·à¤£ करते हैं, तो जांच करवाना बेहतर है।
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ या निचले पेट के आसपास दरà¥à¤¦
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤°à¥‚निआ
पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ होना
पीरियडà¥à¤¸ के बाद और सेकà¥à¤¸ के बाद बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग
हैवी पीरियडà¥à¤¸
दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• पीरियडà¥à¤¸
पीले या हरे रंग का असामानà¥à¤¯ रूप से योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ खासकर
कà¥à¤› अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
पेट में गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦
उचà¥à¤š बà¥à¤–ार
बीमार महसूस करना
सदमे के संकेत
इनमें से कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ और लकà¥à¤·à¤£ अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे à¤à¤ªà¥‡à¤‚डिसाइटिस और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ देखे जाते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, विकार के निदान के लिठचिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता लेनी चाहिà¤à¥¤
पीआईडी के कारण हैं :-
पैलà¥à¤µà¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज (पीआईडी) ऊपरी महिला जननांग पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होती है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ योनि और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और अंडाशय तक फैल जाता है।
यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ (à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤†à¤ˆ): पीआईडी ​​के 4 में से 1 मामले à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤†à¤ˆ के कारण होते हैं जैसे माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ जेनिटलियम, कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ टà¥à¤°à¥ˆà¤•ोमैटिस या गोनोरिया पीआईडी ​​के 75-90% मामलों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मौजूद होते हैं। ये आमतौर पर केवल गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करते हैं और à¤à¤•ल-खà¥à¤°à¤¾à¤• à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इलाज किया जा सकता है। यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाता है, तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ ऊपरी जननांग पथ तक बढ़ सकता है और पीआईडी ​​में परिणाम कर सकता है।
अनà¥à¤¯ कारण: कà¥à¤› मामलों में, योनि में मौजूद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ऊपर की ओर फैलते हैं और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनते हैं। हालांकि ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ योनि में हानिरहित होते हैं, लेकिन वे शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण हो सकते हैं। यह अधिक सामानà¥à¤¯ है यदि आपके पास पीआईडी, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की गड़बड़ी, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ या आईयूडी समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¨ का इतिहास रहा है।
पीआईडी ​​विकसित करने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ वाले लोग निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
जिनके कई सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° हैं
नठसेकà¥à¤¸à¥à¤…ल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° है
à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤†à¤ˆ का इतिहास
अतीत में पीआईडी ​​का इतिहास
जो 25 वरà¥à¤· से कम आयॠके हैं
जिनके कम उमà¥à¤° में यौन सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं
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